Wednesday, 24 July 2019

शायरी 44

शायरी 44


तेरी वादाखिलाफत रोक लेती हैं
मुझे तेरे पास आने से...

वर्ना इस ज़माने की क्या औकात
की रोक ले तुझे पाने से....

Saturday, 4 May 2019

शायरी 43

शायरी

सभी के ख्वाबों से लगभग गायब सा हो गया हूँ मैं।
उनकी बातों में लगभग शायद सा हो गया हूँ मैं। 

Monday, 15 April 2019

शायरी 42

शायरी 


"बहुत कुछ है दिल में कहना चाहता हूँ,
किसी से लिपट कर आज रोना चाहता हूँ।
बहुत रातें बिताई है,
जाग कर मैने
एक रात सुकून से सोना चाहता हूँ।"

Tuesday, 5 February 2019

शायरी 41

शायरी

कमियां तो लाखों है मुझ में !

पर है,तो ख़ूबियाँ भी

बता ए  ढूंढ़ने वाले तुझे मुझमे क्या मिला ?